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पड़ोस वाली भाभी को खींचा घर के अंदर।
हेलो दोस्तों मेरा नाम प्रत्यूष द्विवेदी जैसे कि आप जानते हैं आपने मेरी पिछली स्टोरी पढ़ी होगी। आज मैं आपके लिए फिर से एक नई स्टोरी लेकर आया हूं यह भी स्टोरी मेरे सच्ची घटना पर आधारित है। आशा करता हूं यह कहानी भी आपको पसंद आएगी। तो चलो अब देर ना करते हुए सीधा स्टोरी पर आते हैं।
मुंबई की हलचल भरी जिंदगी के बीच एक पुरानी इमारत खड़ी है, जहां लगता है जैसे समय ठहर सा गया हो। नीचे वाली मंजिल पर मैं रहता हूं—एक बैचलर लड़का, जो आईटी कंपनी में काम करता है। मेरा छोटा सा 1RK फ्लैट है—एक कमरा, एक रसोई और एक बाथरूम। जगह छोटी है, लेकिन मुझे अब अकेलेपन की आदत पड़ चुकी है। इमारत की दीवारें इतनी पतली हैं कि पड़ोसियों की हर आवाज साफ सुनाई देती है।
मेरे बगल वाले घर में एक बड़ा परिवार रहता है—दो बुजुर्ग माता-पिता, दो छोटे बच्चे, पति रमेश जो दुकान चलाते हैं, और उनकी पत्नी सीमा। मैं उसे भाभी कहता हूं, क्योंकि वो पड़ोस की बड़ी बहू जैसी लगती है। सीमा खूबसूरत है—गोरा रंग, लंबे बाल जो वो साड़ी के साथ बांधती है, और आंखों में हल्की सी शरारत। सीमा भाभी के शरीर की बनावट ऐसी है कि किसी बूढ़े का भी लैंड खड़ा कर दे। उनके फिगर सुनोगे तो आप भी पागल हो जाओगे। उनका फिगर है 32-28-36हर सुबह वो घर के बाहर झाड़ू लगाती है, और मेरा कमरा ठीक सामने पड़ता है।
शुरू में मैं बस चुपचाप देखता रहता हूं। सुबह की धूप में सीमा झुककर झाड़ू लगाती है, और कभी-कभी उसकी साड़ी का पल्लू हल्का सा सरक जाता है और मुझे उनके 32 साइज के boobs दिख जाते हैं। मैं हाथ में चाय का कप लेकर दरवाजे में में खड़ा रहता हूं। और रोज सुबह में उन्हें देखकर अपना ल** पेट के ऊपर से ही मसलत हूं। एक दिन वो मुझे देख लेती है और मुस्कुराकर कहती है,
“अरे भैया, रोज देखते हो क्या? कुछ मदद चाहिए?”
मैं थोड़ा घबरा जाता हूं, “नहीं भाभी, बस… सुबह की आदत है।”
वो हंसती है, “तो चाय पियो ना, मैंने अभी बनाई है।”
यहीं से हमारी बातें शुरू होती हैं। अब हर सुबह एक रूटीन बन जाता है। सीमा झाड़ू लगाती है और मैं बाहर आ जाता हूं।
“भाभी, बच्चे स्कूल गए?”
“हां, और तुम? ब्रेकफास्ट किया? अकेले कैसे खाते हो?”
धीरे-धीरे ये छोटी-छोटी बातें गहरी होने लगती हैं।
एक सुबह बारिश हो रही है। सीमा भीगते हुए झाड़ू लगा रही है। मैं जल्दी से एक तौलिया लेकर आता हूं,
“भाभी, सावधान… बीमार हो जाओगी।”
हमारे हाथ हल्के से टकराते हैं। एक पल के लिए सब कुछ थम जाता है। सीमा की सांस जैसे अटक जाती है। वो धीमे से कहती है,
“तुम्हारी फिक्र अच्छी लगती है…”
और नजरें झुका लेती है।
दिन बीतते जाते हैं और अब हमारी बातें व्हाट्सएप पर भी होने लगती हैं। रात को, जब रमेश दुकान पर होता है, बुजुर्ग सो चुके होते हैं और बच्चे पढ़ रहे होते हैं, तब वो मैसेज करती है—
“आज बहुत थक गई हूं…”
मैं जवाब देता हूं,
“थोड़ा आराम करो… तुम्हारी मुस्कान ही मेरी एनर्जी है।”
वो स्क्रीन देखते हुए हल्का सा मुस्कुराती है,
“ऐसी बातें मत करो… शरम आती है।”
लेकिन उसके दिल में कुछ नया सा महसूस होने लगता है।
अब मेरी बातें बदलने लगती हैं—
“तुम्हारी आंखें बहुत खूबसूरत हैं…”
वो पढ़कर रुक जाती है, फिर टाइप करती है,
“तुम भी तो हैंडसम हो… रमेश जैसे नहीं…”
मैसेज भेजने के बाद वो खुद ही चुप हो जाती है… लेकिन उसके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान बनी रहती है।ऐसे ही हमारे बातें अब धीरे-धीरे और ज्यादा इंटेंस और सेक्सी होते जाती है। क्योंकि मुझे पता चल गया था कि भाभी को रमेश खुश नहीं कर पता है तो यहां पर मेरा मौका बन सकता है. और मुझे धीरे-धीरे यह भी पता चल गया था कि भाभी को वाइल्ड सेक्स पसंद है और मुझे भी बहुत ज्यादा वाइल्ड सेक्स पसंद है। धीरे-धीरे मैं भी उसे वाइल्ड सेक्स वाली बातें chat पर शुरू कर दी। मैंने उन्हें बताया कि मुझे सेक्स करते टाइम गाली देने में बहुत मजा आता है और मुझे थोड़ा rough सेक्स पसंद है। तो उसने कहा मुझे भी rough सेक्स पसंद है और कब कर रहे हो तुम मेरे साथ rough सेक्स.
मैंने कहा सीमा रंडी जब तू कहे तब मैं तेरे साथ सेक्स करने को तैयार हूं। वह मेरे मुंह से ऐसे शब्द सुनकर एकदम चौंक गई लेकिन थोड़ी सी खुश हो गई क्योंकि यह सब उसको बहुत ज्यादा पसंद था. तो उसने कहा कल रमेश घर पर नहीं है और सुबह बच्चे और सास ससुर दोनों सोए रहेंगे तब हम कर सकते हैं। मेरी खुशी का कोई ठिकाना ना रहा क्योंकि इतने दिन बीत गए और मुझे सीमा के साथ जो करना था वह दिन आ ही गया
अगले दिन सुबह-सुबह में 6:00 बजे उठ गया था। मुझे पता था 6:30 सीमा भाभी आएगी झाड़ू लगाने। मैं अपना ब्रश मैं अपना ब्रश करके रेडी हो गया था। 6:30 मैंने अपने घर का दरवाजा खोला। और देखा सीमा भाभी झाड़ू लगाते लगाते मेरे दरवाजे के सामने आने लगी थी। जैसे ही सीमा भाभी मेरे घर के दरवाजे के सामने आई मैंने सीमा का हाथ पड़कर उसको अंदर खींच लिया। अंदर खींच के मैंने उसको घुटनों के बाल बिठा दिया। मैंने अपनी पैंट खोल के अपने अंडरवियर नीचे करके। सीमा भाभी के सामने अपना 8 इंच का लैंड उसके मुंह के सामने कर दिया। मैंने उसकी बाल पकड़। और सीधा ल** उसकी मुंह के अंदर घुस दिया। उसकी आंखों में हैरानी थी लेकिन चेहरे पर थोड़ी खुशी थी क्योंकि उसे रफ सेक्स पसंद था। मैंने बिना रुके सीमा का मुंह चोदना चालू किया और पूरे 15 मिनट तक उसका मुंह चोदता रहा चोदता रहा चोदता रहा। सीमा को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। 15 मिनट बाद मैंने सीमा को ऊपर उठाया और उसकी साड़ी खींचकर निकाल दी। अब सीमा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने खड़ी थी।
फिर वापस से मैंने उसके बाल पकड़ और उसको दीवार से चिपक के एक हाथ से उसको पकड़ कर रखा और दूसरे हाथ से उसका ब्लाउज खींचकर फाड़ दिया। और नीचे से उसका पेटीकोट भी खींच कर निकाल दिया जो कि थोड़ा फट गया था और थोड़ा अपने आप जमीन पर गिर गया। मैंने देखा सीमा ने ना तो अंदर से ब्रा पहनती और ना ही अंदर से पेंटी पहनी थी। मैंने कहा सीमा रंडी तू तो एकदम तैयार होकर आई है। न ब्रा है न चड्डी है। सीमा ने बड़ी कामुक आवाज में मुझसे कहा मेरे राजा तेरे लिए एकदम तैयार हो क्या आई हूं तेरा टाइम वेस्ट ना हो कपड़े उतारने में इसीलिए इसीलिए ना चड्डी पहनी है और ना ब्रा. मैं तो नंगी ही तेरे घर आ जाती लेकिन आते जाते मुझे लोग देख लेते इसलिए मैंने ऊपर से साड़ी डाल ली। मैंने कहा वह मेरी सीमा रानी।
मैं फिर सीमा के बोल पड़े और उसको सोफे पर घोड़ी बना दिया। अब मैं अपना 8 इंच का लैंड अपने हाथ में ले लिया। और सीमा से कहा रेडी हो जा रंडी अब तेरी च** फाड़ दूंगा मैं। उसने मुझसे कहा प्लीज जल्दी से मेरी च** फाड़ दो बहुत दिनों से मैं लैंड नहीं लिया है। मैंने उससे कहा और गिड़गिड़ा रंडी और मेरे सामने गिड़गिड़ा रोग ना तुझे ल** देने वाला हूं। और फिर मैं अपने लैंड पर थोड़ा सा थूक लगाए और ल** को उसकी च** के दरवाजे पर रखा। पहला झटका मार तो ल** अंदर नहीं गया क्योंकि उसकी च** अभी भी थोड़ी सी छोटी थी और मेरा लैंड थोड़ा बड़ा था. फिर जब मैं दूसरा झटका मार तो मेरे लैंड का टोपा उसकी च** में घुस गया और वह छटपटाना लगी चिल्लाने लाने लगी प्लीज लैंड निकालो बहुत दर्द हो रहा है और रोने लगी उसके आंखों से आंसू बहने लगी लेकिन मैं नहीं रुक मैं लगातार तीसरा झटका मार जिसमें मेरा आधा ल** उसकी च** में घुस गया और वह और जोर-जोर से रोने लगी और जोर-जोर से चिल्लाने लगी लेकिन मैं नहीं रुक ऐसे ही मैं चौथा पांचवा झटका मारता गया और पूरा ल** उसकी च** में उतार दिया. मैंने उसके गांड पर चपेट मार मार के मार मार के मैंने उसकी गांड लाल कर दी।
फिर मैं वैसे ही घोड़ी बनाकर सीमा को किचन में लेकर गया सीमा का एक पर मैं किचन के स्लैप पर रखा और दूसरा उसका जमीन पर रखा। और वैसे ही फिर मैं उसकी च** में ल** घुसता और उसकी लगातार 10 मिनट तक chodta गया। उसके बाद में सीमा को बेडरूम में लेकर गया और बेडरूम में मिशनरी पोजीशन में उसकी च** चोदी मैं करीब 15 मिनट तक। ऐसे ही सीमा को मैंने रंडी की तरह घर के हर कोने में ले जाकर चोदा। और आखरी में मैंने उसको घुटनों के बाल बिठाकर लैंड उसके मुंह में डालकर उसके मुंह में ही सारा पानी निकाल दिया। और उसने सारा अपनी खुशी-खुशी पी लिया। उसके चेहरे पर अलग ही खुशी थी। जैसे किसी को कई सालों बाद शारीरिक सुख की खुशी मिली हो वैसे ही खुशी मैंने सीमा के चेहरे पर देखिए।
और मैं सीमा से कहा अब से तू मेरी पर्सनल रंडी बन गई है। मैं जब चाहूं जैसे चाहूं जहां बुलाऊं वैसे तू आएगी और मुझे chudwayegi. और उसने जवाब में कहा जी मेरे मालिक। आप जैसे चाहे जहां चाहे मुझे chod सकते हैं और मैं आपसे कुछ नहीं कहूंगी मैं आपकी गुलाम बन गई हूं।
और फिर सीमा अपने घर चली गई क्योंकि उसके सास ससुर और बच्चों के उठने का टाइम हो गया था.
यह स्टोरी यहां पर खत्म नहीं हुई है यह स्टोरी तो यहां से शुरू होती है क्योंकि इसके बाद सीमा को मैंने बहुत बार चोदा जिसमें कि उसकी गांड की च**** उसका गैंगबैंग तक किया उसकी स्टोरी भी मैं आगे के भाग में लेकर आऊंगा तो मेरे साथ जुड़े रहे और मुझे आप इस कहानी का फीडबैक भी दे सकते हैं मैं अपनी ईमेल आईडी यहां पर दे दूंगा? मुझे आप सबके फीडबैक का इंतजार रहेगा।
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